रात के 12 बज रहे थे। मुंबई की बारिश बहुत तेज थी और रास्तों पर पूरा सन्नाटा था। सेंट्रल जेल के बड़े लोहे के दरवाजे खुले, और एक दुबली-पतली लड़की बाहर आई। उसके हाथ में एक पुराना बैग था, और उसकी आंखों में एक ऐसी ठंडक थी जो किसी को भी डरा दे। यह आर्या थी।
दो साल पहले, उसे लगता था कि दुनिया बहुत खूबसूरत है। वह आरव मल्होत्रा से सच्चा प्यार करती थी। लेकिन आरव ने उसे एक ऐसी साजिश में फंसाया कि उसकी पूरी जिंदगी बिखर गई। उस पर एक ऐसा झूठा इल्जाम लगाया गया जिसके चलते उसे जेल जाना पड़ा।
"दो साल, आरव... दो साल मैंने उस अंधेरे में काटे हैं जो तुमने मेरी किस्मत में लिखा था," आर्या ने आसमान की तरफ देखते हुए गुस्से में खुद से कहा। "अब मेरा वक्त है। अब हिसाब बराबर होगा।"
अगली सुबह, मल्होत्रा इंडस्ट्रीज के बड़े से ग्लास बिल्डिंग के सामने एक लड़की खड़ी थी। उसने एक स्मार्ट फॉर्मल सूट पहना था, आंखों पर चश्मा था, और बाल पीछे बंधे हुए थे। अब वह भोली-भाली आर्या नहीं, बल्कि 'माया सेन' थी। एक टॉप-क्लास कॉर्पोरेट प्लानर, जिसका रिज्यूमे इतना परफेक्ट था कि कोई उसे रिजेक्ट नहीं कर सकता था। उसने अपना चेहरा और पूरी पहचान बदल ली थी।
"मे आई कम इन, सर?" माया ने आरव के केबिन का दरवाजा खटखटाया।
आरव मल्होत्रा अपनी चेयर पर बैठा एक फाइल देख रहा था। उसका चेहरा बिल्कुल सख्त और निगाहें बहुत तेज थीं। उसने सर उठाकर माया को देखा। दो सेकंड के लिए आरव की निगाहें रुकीं, जैसे उसे लग रहा हो कि इस चेहरे को वह पहले से जानता है। लेकिन माया ने अपनी आंखों के बदले की आग को चश्मा के पीछे छुपा लिया।
"आपका रिज्यूमे काफी इंप्रेसिव है, मिस सेन," आरव ने अपनी भारी आवाज में कहा। "लेकिन मुझे मेरी कंपनी में ढूंढ-फिरान करने वाले लोग पसंद नहीं हैं। मुझे सिर्फ वफादारी चाहिए।"
माया ने एक हल्की सी मुस्कान के साथ कहा, "वफादारी ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है, मिस्टर मल्होत्रा। आप मुझे एक मौका देकर देखिए, आप निराश नहीं होंगे।"
आरव ने फाइल बंद की। "ठीक है। कल से जॉइन कीजिए। लेकिन याद रखना, मेरी आंखों से कुछ नहीं छुपता।"
माया केबिन से बाहर आई तो उसकी मुट्ठियां भींची हुई थीं। बदले का खेल शुरू हो चुका था। वह आरव के सबसे करीब पहुंच चुकी थी। लेकिन उसे नहीं पता था कि आरव ने उसके जाने के बाद अपने बॉडीगार्ड को बुलाया और कहा, "इस लड़की पर 24 घंटे नजर रखो। मुझे लगता है मेरी पुरानी दुश्मन वापस आ गई है।"



